टू कपल सेक्स कहानी में पढ़ें कि एक बार पापा के दोस्त और उनकी पत्नी हमारे घर आये तो देर रात को उन चारों ने मिलकर सेक्स किया. मैंने खुद देखा. उसके बाद मैंने क्या किया?

दोस्तो, मैं कुणाल राजस्थान के छोटे से कस्बे में रहता हूँ.
मेरी उम्र 19 साल है और मेरी हाइट साढ़े पाँच फुट की है.

लड़कियों को लंड की साइज़ जानने की उत्सुकता रहती तो उनके लिए बता दूँ कि मेरा लंड औसत साइज़ का ही है यानि ये साढ़े पाँच इंच का मोटा सा लंड है. जिसकी चूत में भी जाएगा, पक्का खलबली मचा कर ही वापस निकलेगा.

महिला पाठिकाएं इस टू कपल सेक्स कहानी के अलावा भी कुछ और जानकारी लेना चाहें, तो उनका स्वागत है और मुझे ईमेल करके बात कर सकती हैं.

मेरे घर पर मेरी मॉम डैड और मैं, हम तीनों रहते हैं. मेरी मॉम मेरी सौतेली मॉम हैं और उनकी उम्र 36 साल की है.

मॉम की फिगर 36-32-40 की है और वो एकदम टाइट फिगर वाली बला की खूबसूरत माल हैं.
मैंने उन्हें कई बार अपने मन में सोच कर मुठ मारी होगी.

एक दिन मैं और मेरी मॉम बस से वापस घर आ रहे थे, शाम के वक्त हम दोनों बस में चढ़े थे और हम दोनों स्लीपर कोच में अकेले थे.

बस के चलने के दो घंटा बाद कुछ रात सी गहरा गई थी.
हम दोनों खाना आदि खाकर ही निकले थे.

बस में अक्सर काम नहीं होने से नींद कुछ जल्दी ही आ जाती है.
वही मेरी मॉम के साथ हुआ.

उनकी खर्राटे भरने की आवाज आई तो मैंने देखा कि वो सो गई थीं.
अब मेरी नजर उनके मम्मों पर पड़ी, तो मन मचल गया.

मैंने पोजीशन बनाई और अपना लंड उनकी गांड पर रख दिया.
कुछ देर लंड से गांड कुरेदी तो मॉम की तरफ से कुछ भी एक्शन नहीं हुआ.

मैं कुछ मूड में या गया और हिम्मत करके मैंने मॉम के बूब्स पर हाथ रखा और हौले से दबाने लगा.
उनकी तरफ से अब भी कुछ प्रतिक्रिया नहीं हुई तो मैंने समझ लिया कि मॉम की नींद गहरी है.

अब मैं बिंदास मॉम के बूब्स दबाने लगा और लंड को पीछे से रगड़ने लगा.

उसी दरमियान बस का एक ज़ोर का झटका लगा और मेरा लंड एकदम से मॉम की गांड में जा घुसा.
मॉम एकदम से जाग गईं, तभी मैं झट से अपनी आंखें बंद करके सो गया.

मुझे लगा कि शायद मॉम ने मुझे देख लिया है, पर मॉम का कोई रिएक्शन ही नहीं हुआ था तो मैं कुछ देर जागता रहा.
फिर न जाने कब नींद लग गई और मैं सो गया.

दूसरे दिन सुबह जब हम घर पहुंचे तो मॉम ने मुझे देख कर स्माइल की, पर मैं कुछ समझा नहीं.

मुझे लगा कि कल रात को जो बस में हुआ था, उस बात का मॉम को पता नहीं है.

बाद में मैं भी रिलेक्स होकर अपना काम करने लगा था.
दिन खत्म हुआ और शाम हो गई.

उस समय मेरे डैड के दोस्त एक अंकल और आंटी घर आए.
वो दोनों बहुत ही ज्यादा हॉट कपल थे, उनकी जोड़ी बहुत क्यूट थी.

अंकल जी एकदम फिट थे और आंटी तो जैसे कॉलेज जाने वाली लड़की सी लगती थीं.
उनकी उम्र भी कोई ज्यादा नहीं थी. वो 26 साल की रही होंगी. उनका 34-28-36 का फिगर भी बड़ा मस्त था।

उस दिन शाम को सब लोगों ने बैठ कर महफ़िल जमाई और उम्दा शराब के साथ साथ उन चारों में हंसी मजाक चलता रहा.

मैं अपने कमरे में था और अपने घर में होने वाली इस तरह की शराब पार्टीज से सहज था.
दारू के बाद उन सभी ने साथ में खाना खाया.
डैड और अंकल सिगरेट सुलगा कर बातें करने लगे.

मैं उसी समय नीचे आया तो मैंने देखा कि मॉम और आंटी के कपड़े कुछ अस्त व्यस्त हो गए थे.

मुझे आता देख कर भी उन्होंने अपने कपड़े सही नहीं किए; बल्कि मैंने देखा कि आंटी और मॉम मुझे वासना भरी निगाहों से देख रही थीं.

मुझे ऐसा लगा कि यदि उस समय चाचा और डैड न होते तो शायद मैं उन दोनों महिलाओं की वासना पूर्ति का साधन बन जाता.
मैंने भी अपनी मॉम को नजर भर कर देखा.

मेरी निगाहें सबसे पहले उनके मम्मों पर चली गईं जो कि उनकी साड़ी के पल्लू के ढलक जाने से लगभग खुले दिख रहे थे और गहरे गले के ब्लाउज के ऊपर के दो बटन भी खुले हुए थे.
ऐसा साफ लग रहा था कि उन्होंने अपने ब्लाउज के बटन किसी के लिए खुद खोले हों.

तभी मेरे डैड ने मुझसे कहा- बेटे आपने खाना खा लिया हो तो अपने कमरे में जाओ और सो जाओ. काफी रात हो गई है. सुबह तुम्हें जल्दी उठना भी होता है.

मैं भी उन सबको गुडनाइट बोल कर रसोई में गया और उधर से पानी की बोतल लेकर वापस अपने कमरे में चला गया.
मेरा कमरा ऊपर की मंजिल में है. ऊपर से जीने नीचे आने पर हॉल में ही आना होता है.

मैं कमरे में आकर आंटी और मॉम की हालत को याद करके अपना लंड सहलाने लगा.

मुझे नींद नहीं आ रही थी इसलिए मैं जागता रहा और अन्तर्वासना खोल कर एक मॉम सन सेक्स कहानी पढ़ने लगा.

करीब एक घंटा हो चुका था.
तभी मैंने ध्यान दिया कि नीचे के रूम से कुछ आवाजें आ रही थीं.

मेरा मोबाईल से ध्यान भंग हो गया और मैं ध्यान से उन आवाजों को सुनने लगा.

ये चुदाई की आवाजें थीं.

मुझसे रहा न गया और मैं दबे पांव नीचे आया और कमरे की खिड़की से अन्दर झांक कर देखने लगा कि अन्दर क्या हो रहा है.
मैंने खिड़की की दरार से झांक कर देखा तो मॉम, अंकल का लंड चूस रही थीं और आंटी डैड का.

मैं सीन देख कर एकदम से हैरान हो गया था.
उसके बाद तो मैं वहीं बाहर खड़ा रहा और अन्दर का नजारा देखता रहा कि क्या चल रहा है और आगे क्या क्या चलेगा.

ये एक ग्रुप चुदाई थी.
अपनी मॉम को मैंने पहली बार नंगी देखा था; बड़ी हॉट माल लग रही थीं. एकदम कसा हुआ चिकना बदन कहीं से भी ऐसा नहीं लग रहा था कि मॉम शादीशुदा हैं.

वे किसी पेशेवर रंडी की तरह अंकल का लंड चूस रही थीं और उनके हाथ में एक सिगरेट फंसी हुई थी, जिसे वो पीकर उसका धुआं अंकल के लौड़े पर छोड़ रही थीं.

दूसरी तरफ आंटी भी डैड का लंड चूस रही थीं. वे भी मेरी मॉम की तरह एक मस्त रांड लग रही थीं और सिगररेट के छल्ले उड़ाती हुई डैड के लौड़े को चूस कर खड़ा कर रही थीं.

डैड और अंकल के लंड 7 इंच के थे.
अंकल का जरा ज्यादा कड़क था और डैड का जरा ढीला सा था मगर मोटा ज्यादा था.
थोड़ी देर बाद अंकल ने अपना माल मॉम के मुँह में ही निकाल दिया और मॉम ने पूरा निगल भी लिया.

माल निगल कर उन्होंने अपना मुँह खोल कर अंकल को दिखाया और बंद करके एक ही बार में सारा वीर्य खा गईं.
मॉम ने वीर्य खाने के बाद सिगरेट का एक बड़ा सा पफ लिया और अंकल को सिगरेट पकड़ा दी.

अंकल भी सिगरेट फूँक कर अपनी बीवी से मेरे डैड के लंड की चुसाई देखने लगे.
डैड का लंड भी एकदम से लोहा हो गया था और आंटी के मुँह में बड़ी मुश्किल से अन्दर बाहर हो पा रहा था.

थोड़ी देर बाद जब डैड ने भी आंटी के मुँह में माल खाली किया तो आंटी ने भी सब निगल लिया और डैड का लंड चूस कर साफ कर दिया.

मैं बाहर खड़ा खड़ा अपने हाथ से ही मज़े ले रहा था.

उसके बाद मम्मी और आंटी को बेड पर पटक दिया गया.
डैड और अंकल दोनों अपने अपने लंड उन दोनों की चूत पर रख कर धक्के देने लगे.

मॉम और आंटी दोनों ज़ोर ज़ोर से आह आह करने लगीं और चुदाई का रस कमरे में बिखरने लगा.

‘आह … ऑह … आराम से आआहह.’

थोड़ी देर बाद दोनों मज़े से चुदवाने लगीं और उनके कंठ से आवाजें निकलने लगीं.

‘आह और ज़ोर से … और तेज आआहह आआहह …’

चुदाई बड़ी ही जोरदार चल रही थी.
शायद उन सभी ने सेक्स बढ़ाने वाली गोलियों का सेवन कर रखा था इसलिए कोई भी झड़ने का नाम नहीं ले रहा था.

दारू का नशा उन्हें मनमानी करने दे रहा था.

उन्होंने कई आसनों में सेक्स किया.
कभी कुतिया बना कर चुदाई होने लगती तो कभी 69 में लंड चूत की चुसाई चलने लगती, तो कभी काऊ गर्ल वाली पोजीशन में आंटी और मॉम डैड व अंकल के लंड पर कूद कूद कर और अपनी चूचियों का रस पिलाती हुई बाजारू राँडों के जैसे आह आह करके मजा ले रही थीं.

उनमें अपने पार्टनर बदल बदल कर भी चुदाई चल रही थी.
टू कपल सेक्स में सैंडविच चुदाई का सीन भी सामने चल रहा था.

मॉम को डैड और अंकल दोनों आगे पीछे से एक साथ चोदने लगे थे.
अंकल चूत में लंड पेले हुए थे और डैड मॉम की गांड मारने में लगे थे.

एक साथ दोनों छेदों में लंड चलने से मॉम ज़ोर ज़ोर से चिल्लाने लगी थीं- आआहह आआहह आराम से … अफ आआहह!

कुछ देर बाद में उन दोनों ने मॉम के अन्दर ही पानी निकाल दिया और आंटी ने उन दोनों के लंड चूस कर वापस खड़े कर दिए.
बाद में यही सीन आंटी की चूत और गांड का हुआ.
डैड और अंकल मिलकर आंटी की चुदाई कर रहे थे.

झड़ते समय उन दोनों मर्दों ने मॉम के मुँह में लंड का रस निकाला.

उसके बाद अंकल मॉम के और डैड आंटी के मम्मों से खेलने लगे थे.

थोड़ी देर बाद जब लंड टाइट हुए तो वो लोग वापिस सेक्स करने लगे.
मैंने अपने हाथ से ही अपना माल निकाला और अपने कमरे की तरफ चल दिया.

मुझे भी नींद आ रही थी तो मैं सो गया था.

जब सुबह उठा तो मॉम डैड अंकल और आंटी सब नंगे सो रहे थे.
मैं वापस कमरे में आकर लेट गया.

थोड़ी देर बाद सब उठ गए थे.

मॉम मुझे देखने आईं … तो मैं सोने का नाटक करने लगा था.

वो सब फ्रेश होकर नाश्ता करने लगे और बाद में अंकल और आंटी भी अपने घर चले गए.

मॉम डैड दो दिन तक रोज रात को सेक्स करते और मैं अपने हाथ से अपना लंड हिला कर मज़े कर लेता.

एक दिन डैड किसी काम से बाहर गए थे तो मॉम और मैं ही घर में थे.
मैंने पूरा मन बना लिया था कि आज मॉम के साथ चुदाई करूँगा.

इसलिए मैं सेक्स पावर बढ़ाने वाली गोली और सेक्स मूड बनाने की दवाई ले आया था.

मैंने रात को खाना खाते समय मॉम के खाने में दवा मिला दी थी.
उसके बाद मैंने भी सेक्स पावर बढ़ाने वाली गोली खा ली.

कुछ ही देर में मेरे लंड की साइज़ अपनी फुल औकात में आ गई और लौड़ा एकदम टाइट हो गया.
बाद में मॉम की आंखों में भी वासना की खुमारी चढ़ने लगी और वो अपनी चूत खुजलाने लगीं.

जब वो सोने आईं तो मैं भी मॉम के पास जाकर सो गया.
थोड़ी देर बाद मॉम को गोली का असर होने लगा और मॉम मेरे लंड के ऊपर हाथ फेरने लगी थीं.

मुझे समझ आ गया कि मॉम के ऊपर गोली का असर होना शुरू हो गया है.
मैंने अपना एक हाथ मॉम के बूब्स पर रखा और उनके दूध दबाने लगा.

मॉम ने मुझे किस किया और दोनों सेक्स का सुख लेने लगे थे.
थोड़ी देर बाद मैंने मॉम को नीचे बिठाया और लंड को चूसने का कहा.

मॉम मेरे लवड़े को चूसने लगीं और मैं ज़ोर ज़ोर से उनके मुँह में धक्का देने लगा.
मुझे मॉम के साथ पहली बार सेक्स करके बहुत मज़ा आ रहा था.

मैंने बहुत देर तक मॉम के मुँह को चोदा.
और जब पानी निकलने वाला था तो बहुत तेज शॉट मारकर लंड का रस मुँह के अन्दर ही निकाल दिया.

मॉम के गले में सीधे पानी गया और मॉम ने मेरे लंड को प्यार से चूस कर साफ कर दिया.

इसके बाद मैंने मॉम के सारे कपड़े उतारे और उन्हें नंगी लिटा दिया.

मेरा लंड दोबारा खडा हुआ तो मैंने अपना लंड उनकी चूत पर रख कर ज़ोर से धक्का मारा, तो मॉम ज़ोर ज़ोर से चिचिल्लाने लगीं- आआहह आआहह आराम से कर साले मॉम हूँ मैं तेरी!

पर मैं बिना कुछ सुने ज़ोर ज़ोर से शॉट मारता जा रहा था.
बाद में मॉम भी मज़े से चुदने लगी थीं.

मैंने मॉम के साथ डॉगी स्टाइल, 69, सब किया और मॉम की धकापेल चुदाई की.

उसके बाद जब मेरा वीर्य निकलने वाला था तो मैंने ज़ोर से मॉम की चूत में शॉट लगाए और उनकी चूत में ही पानी निकाल दिया.

बाद में हम दोनों एक दूसरे से चिपक कर नंगे ही सो गए.

उसके बाद जब भी मॉम घर पर अकेली होती थीं तो हम दोनों सेक्स कर लेते थे.

अभी मैं मॉम से कह रहा हूँ कि आंटी की चूत भी दिलवा दें … वो जरा नखरे दिखा रही हैं. मगर जल्द ही वो मान जाएंगी.
आंटी की चुदाई की कहानी बाद में लिखूँगा.
तब तक आप मुझे बताएं कि आपको टू कपल सेक्स कहानी कैसी लगी.