पोर्न फ्रेंड सेक्स कहानी में पढ़ें कि कैसे मेरी एक पुरानी दोस्त ने मुझे फोन किया तो बड़ी मुश्किल से मैंने उसे पहचाना. बातचीत बढ़ती बढ़ती सेक्स तक पहुंच गयी.

दोस्तो, कैसे हो आप सब!

सबसे पहले मैं आपको अपने बारे में बता देता हूँ. मेरा नाम अली ज़ैदी है, मैं उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले का रहने वाला हूँ.
मेरी उम्र 29 साल की है. मेरी हाइट 6 फ़ुट एक इंच है.
लड़कियों की उत्सुकता के लिए बता दूँ कि मेरा लंड 6 इंच लम्बा और 2.5 इंच मोटा है.

इस पोर्न फ्रेंड सेक्स कहानी में मैंने जिसके साथ चुदाई की है, उसका नाम शीनाज़ था.
उसका फिगर 34-30-36 का था और वो बहुत ही हॉट व सुन्दर लड़की थी.

ये बात एक साल पहले की है.
एक दिन मुझे एक नए नम्बर से मैसेज आया.

तो मैंने पूछा- आप कौन?
पहले तो उसने मेरे साथ ठिठोली की और कहा- पहचानो?

मैंने कहा- मैं नहीं जानता हूँ कि आप कौन हैं?
उधर लिखा गया कि अच्छा ये बता सकते हो कि मैं लड़का हूँ या लड़की हूँ?

मैंने कहा- अजीब बात है … मैं जब जानता ही नहीं हूँ तो ये कैसे बता सकता हूँ कि आप कौन हैं?
उसने लिखा कि मैं एक लड़की हूँ. अब बताएं कि क्या आप मुझसे बात करना पसंद करेंगे या नहीं?

मैंने कुछ जिज्ञासा दिखाते हुए कहा- जब तक मैं आपको देख नहीं लेता हूँ, तब तक मैं कैसे भरोसा करूँ कि आप एक लड़की हैं?
उसने व्हाट्सैप पर वीडियो कॉल लगाई और अपना चेहरा छिपाते हुए मुझे सिर्फ अपने दूध दिखाए.

ऐसा उसने सिर्फ मुझे दिखाने के लिए किया था और कॉल काट दी.
फिर वापस चैट पर आते हुए उसने लिखा- अब बताओ कि मैं कौन हूँ?

मैं अब परेशान था कि ये कौन लड़की है.
उन्हीं दिनों मेरी शादी की बात भी चल रही थी तो मेरे दिमाग में कुछ और भी आने लगा और मैंने उस लड़की के साथ सभ्य तरीके से चैट करना जारी रखी.

उसने काफी देर तक मुझे छकाया और बाद में अपने नाम का खुलासा करते हुए कहा- अच्छा, मैं आपको अपने नाम का क्लू देती हूँ. आप पूछो मेरा नाम क्या है?
मैंने कहा- क्या नाम है?
वो बोली- मैं शीनाज़ हूँ.

अब साला कौन शीनाज़ है ये … मेरी खोपड़ी भिन्ना गई.
उसने मेरे नाम के बारे में बताया और मेरे बारे में बहुत सारी बातें बताई थीं, तो ये भी लग रहा था कि ये मेरी कोई जानने वाली ही है.

मैंने अपने आपको उसके सामने हारा हुआ मान लिया और कहा- मैं हार गया देवी जी … अब आप बताएं कि आप कौन हैं?
उसने हँसते हुए बताया कि मैं वो शीनाज़ हूँ … जो तुम्हारे साथ स्कूल में पढ़ती थी.

अब मैंने झट से उसे पहचान लिया और उसके हाल चाल पूछे.
फिर मैंने पूछा कि तुम्हें मेरा नंबर कहां से मिला?

तो उसने बताया- फेसबुक पर बहुत टाइम से ढूंढ रही थी. आज तुम्हारी आईडी मिली और वहीं से नम्बर मिला.
अब मैंने उसके साथ स्कूल टाइम की खूब सारी बातें की और उन दिनों को याद किया.
हम दोनों पुरानी बातें करते रहे.

फिर मैंने उसकी लाइफ के बारे में पूछा तो उसने बताया कि कुछ समय पहले शादी हुई थी. शादी होने के कुछ टाइम बाद वो गर्भवती हो गई थी. उसका पति शराब पीकर रोज घर आता था और उसे मार पिटाई और गाली देता था. इसलिए वो ससुराल छोड़कर अपने घर आ गई और अपने घर पर ही उसने एक बेटी को जन्म दिया. फिर उसने अपने पति से तलाक ले लिया. अब वो अपने मम्मी पापा के साथ रहने लगी.

मुझे उसकी कहानी सुनकर बहुत दुख हुआ और मैंने उससे कहा कि यार ये तो तुम्हारे साथ बहुत बुरा हुआ.

वो बोली- तुम परेशान न हो, मैं अब अपनी बेटी के साथ खुश हूँ.

कुछ देर बात होने के बाद हम दोनों ने एक दूसरे को बाय कहा और बात बंद कर दी.

फिर अगले दिन सुबह सुबह उसका मैसेज आया.
हम दोनों फिर से बातें करने लगे.
मैंने उसके साथ काफी हंसी मजाक किया.

उसने मुझे बताया कि वह मुझे स्कूल टाइम से ही पसंद करती आई है, पर वो मुझे अपने दिल की बात कभी बता ही नहीं पाई.

मैं सोच में पड़ गया कि शीनाज़ जैसी लड़की को मैंने भी क्यों प्रपोज नहीं किया.

खुद को कोसता हुआ मैं शीनाज़ से अपने दिल की बात कहने लगा- काश मुझे एक बार भी तुम्हारी तरफ से इशारा मिलता तो मैंने तुम्हें खोया न होता.
वो मेरी बात सुनकर सिर्फ एक स्माइली भेज कर चुप हो गई.

मैंने आगे लिखा- क्या मैं अभी भी तुमसे अपने दिल की बात कह सकता हूँ?
मैं अभी उससे हां या ना सुनने की राह देख रहा था लेकिन उसने सीधा बम फोड़ दिया.

उसने मुझे आई लव यू बोला.
एक पल को तो मैं अवाक रह गया था, फिर मैंने भी उसे आई लव यू टू शीनाज़ बोल दिया.

तो वो खुश हो गई और बोली- आज इतने अरसे बाद मुझे मेरा प्यार मिल गया.
वो बहुत खुश थी.

फिर हम दोनों की चैट और फोन पर बहुत बातें होने लगीं.
धीरे धीरे हमारे बीच सेक्स की बातें भी होने लगीं.

जब हम दोनों चुदाई की बातें करते तो मेरा लंड पूरा खड़ा हो जाता और ऐसा ही कुछ हाल शीनाज़ का भी हो जाता.
उसकी चूत पानी छोड़ने लगती थी और निप्पल तन जाते थे.

कुछ दिन ऐसे ही चलता रहा तो शीनाज़ से रहा नहीं गया. एक दिन उसने मुझसे कहा- अली, मुझे मिलना है.

मैंने सही समय देखकर उससे होटल में मिलने का प्लान बनाया.
उस दिन सुबह के समय हम दोनों एक होटल में एक सूटकेस के साथ आ गए ताकि लोगों को शक न हो.

मैंने रूम बुक करके अपना सामान उठाया और हम अपने रूम में आ गए.

मैंने रूम का दरवाजा अन्दर से बंद कर दिया और बैठ कर बातें करने लगे.

मैंने बात करते-करते शीनाज़ की आंखों में देखा तो उसने अपना चेहरा शर्म से झुका दिया.
फिर मैं अपने होंठ शीनाज़ के होंठों पर रखकर किस करने लगा.

शीनाज़ भी मेरे होंठों को चूमने लगी.

वह धीरे धीरे गर्म होने लगी.
मैंने उसकी कमीज उतार दी और उसको बेड पर लिटा दिया.

मैं उसके होंठों को चूसने लगा और एक हाथ से उसके बूब्स को ब्रा के ऊपर से ही दबाने लगा.
शीनाज़ सिसकारी भरने लगी, वो चूमने में मेरा साथ देने लगी.

उसकी चुदाई की इच्छा देख कर मैंने उसकी ब्रा निकाल दी और एक निप्पल को मुँह में लेकर चूसने लगा.

उसकी मादक सिसकारियां और ज्यादा बढ़ने लगीं और वो आह आह करने लगी; साथ साथ वो मेरा सिर सहलाने लगी.

फिर हम दोनों के बीच कुछ ज्यादा रगड़ा रगड़ी होने लगी तो वो गर्माने लगी और उसकी सेक्सी आवाजें कुछ ज्यादा तेज स्वर में निकलने लगीं.

मैंने उससे कहा- शीनाज़, सेक्स करोगी क्या?
वो गुर्रा कर बोली- हां, हम दोनों इधर क्या सिर्फ चूमाचाटी करने आए हैं?
मैंने कहा- तो फिर क्या कपड़े पहने हुए ही चुदोगी मेरी जान?

वो हंस दी और उसने मेरी टी-शर्ट निकाल कर मुझे ऊपर से नंगा करके चित लिटा दिया और भूखी शेरनी की तरह मेरे ऊपर टूट पड़ी.
वो मेरे ऊपर अपनी चूचियाँ रगड़ती हुई मेरे होंठों को चूसने लगी.

उसने मेरे दोनों हाथ ऊपर उठा दिए थे जिससे मैं उसके बदन को न छू सकूँ और उसके हाथों को उसकी मर्जी के हिसाब से चलने दूँ.

वह मेरे होंठों में होंठ लगा कर चूस रही थी तो मैंने उसके मुँह में अपनी जीभ डाल दी.
वह मेरी जीभ को अपने मुँह में अन्दर लेकर खाने लगी और मेरे मुँह में अपनी लार डालने और मेरी लार निकालने लगी.

सच में मुझे उस समय जन्नत का मजा आ रहा था.
ऐसा मजा … जिसे शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता था.

कुछ देर के बाद वो मेरे मुँह से अपना मुँह हटा कर कुछ ऊपर को उठी तो उसकी आँखों में एक वहशीपन साफ दिख रहा था.
उसकी आँखों की लालिमा बता रही थी कि वो कितनी ज्यादा चुदासी थी.

उसके बाद वो मेरे गालों को चूमती हुई नीचे आने लगी और गले से नीचे आती हुई वो मेरे सीने पर आ गई.
इधर उसने मेरे निप्पलों को चाटना शुरू कर दिया.

मैं आह आह कर उठा.
वो मेरे सीने की घुंडियां चूसने लगी और उन्हें खींचने लगी जिससे मेरे अन्दर एक भयानक आग लग गई और बस ऐसा लगने लगा कि किसी तरह उसको अपने लौड़े के नीचे लेकर उसकी चुत फाड़ दूँ.

मेरी कराहें सुनकर वो भी मदमस्त हुई जा रही थी.

अब तक मेरे हाथ उसने पकड़ रखे थे, जिस वजह से मैं उसको कुछ नहीं कर पा रहा था.
फिर उसने अपने हाथ मेरी पैंट और अंडरवियर पर लगाए तो मैंने अपने हाथों से उसके दूध मसलने शुरू कर दिए.

उसने कहा- रुक जाओ मेरी जान … तुम्हें खेलने का पूरा मौका मिलेगा.
मैंने अपने हाथ हटा लिए और उसी वक्त उसने मेरे पैंट के साथ मेरी अंडरवियर को को एक साथ खींच कर उतार दिया.

मेरा फनफनाता हुआ लंड उसके सामने आ गया.
वह मेरे खड़े लंड को देखकर एकदम से चौंक गई.
मगर अगले ही पल उसकी आखों में चमक आ गई.

वह मेरा लंड पकड़कर हाथ से सहलाने लगी और लंड के सुपारे पर एक चुम्मी लेकर उसने मेरी आँखों में देखा.
मैं कसमसा रहा था और उसे लंड चूसने का इशारा कर रहा था.

उसने हंस कर कहा- खा जाऊँ?
मैंने कहा- खा ले रंडी साली … क्यों तड़फा रही है!

उसने एकदम से मेरे लंड को मुँह में भरा और अन्दर तक लेकर चूसने लगी.
उसके मुँह की गर्मी पाकर मेरे जिस्म में करंट दौड़ने लगा.

कुछ मिनट तक वो लंड को हर तरह से चूसती रही. कभी वो लंड को गले तक ले लेती … तो कभी लंड के बाहर जीभ से ऊपर से नीचे तक चाटने लगती. साथ ही वो अपने एक हाथ से मेरे आंड भी सहला रही थी.
लंड की हालत एकदम लोहे जैसी हो गई थी.

कुछ देर बाद मैंने लंड उसके मुँह से निकाल लिया और उसकी सलवार उतार दी.
फिर मैं शीनाज़ के ऊपर आकर मुँह में निप्पल लेकर चूसने लगा और एक हाथ से चूत पर हथेली फेरने लगा.

उसकी पैंटी के ऊपर से मेरे ऐसा करने से वो ज्यादा गर्म हो गई और आह आह करने लगी.
मैंने अगले ही पल उसकी पैंटी को उतार दिया और वो पूरी नंगी होकर लेट गई.

वो अपनी दोनों टांगें फैला कर किसी रांड के जैसे लेट गई थी और अपनी आँखों से मुझे ऊपर चढ़ कर चोदने की कहने लगी थी.
अभी इतनी जल्दी मैं उसे चोदना नहीं चाहता था. मुझे उसकी चुत चूसने का मजा लेना था.

मैं उसके ऊपर 69 की पोजीशन में लेट गया और शीनाज़ की चिकनी चूत पर जीभ लगाकर चाटने लगा.
इससे शीनाज़ सिसकारी भरने लगी और मेरे लंड को पकड़कर मुँह में भरकर चूसने लगी.

हम दोनों पर चुदाई की पूरी मस्ती छाने लगी और दोनों के मुँह से आह आह की आवाजें निकलने लगी थीं.

थोड़ी ही देर में शीनाज़ मस्ती के साथ अकड़ने लगी.
मैं समझ गया कि शीनाज़ की चूत पानी छोड़ने वाली है.
मैंने तेज तेज चूत को चूसना शुरू कर दिया और शीनाज़ आह आह करके अपनी चूत से पानी छोड़ने लगी.

मैं उसकी चुत का नमकीन पानी टेस्ट करने लगा.
कुछ ही देर में मेरा पानी निकलने को हुआ, तो शीनाज़ मेरा लंड अपने मुँह में अन्दर तक लेकर चूसने लगी.

मेरे लंड ने भी सारा पानी शीनाज़ के मुँह में छोड़ दिया और वो मजे लेकर सारा पानी पी गई.

हम दोनों लेट कर अपनी साँसों को नियंत्रित करने लगे.

कुछ देर बाद हम दोनों फिर से एक दूसरे को चूसने लगे.
शीनाज़ जल्द ही मादक सिसकारी भरने लगी.

मैं उसके दूध के निप्पल मुँह में लेकर चूसने लगा और चूत में उंगली करने लगा.
शीनाज़ पूरी गर्म होकर कहने लगी- बस अली अब चोद दो मुझे, बहुत आग लगी है चूत में … पहली बार इतनी आग लगी है कि मुझसे रूका नहीं जा रहा है.

मैंने उससे लंड चूसने को कहा, तो वो एकदम मेरे ऊपर आकर लंड चूसने लगी.
मैं भी उसकी चूत मुँह में लेकर चूसने लगा. मेरा लंड पूरा खड़ा होकर उसके मुँह को चोदने लगा.

शीनाज़ बोली- बस अब चूत की आग बुझा दो.
मैंने उसे नीचे लिटाकर अपना लंड उसकी एकदम गर्मागर्म चूत में डालने लगा.

लंड जरा सा ही अन्दर घुसा था कि उसकी चीख निकल गई.
वो बोली- लम्बे समय से चूत बंद है … आराम से डालो जान, बड़ा दर्द हो रहा है.

सच में शीनाज़ की चूत पूरी टाइट थी. किसी तरह पूरा लंड डाल कर थोड़ी देर के लिए उसी के ऊपर लेट गया और उसे चूमने सहलाने लगा.
फिर मैं धीरे धीरे चोदने लगा.

शीनाज़ भी नीचे से गांड उठाकर साथ देने लगी.

कुछ ही देर में चुदाई ने रफ्तार पकड़ ली तो शीनाज़ आह आह करके कहने लगी- आह चोदो … आज इस चूत की सारी आग बुझा दो.
मैंने उसे फुल स्पीड से चोदना शुरू कर दिया.

वो भी मस्ती से अपनी चुदाई करवाती रही.
फिर मैं उसे घोड़ी बनाकर पीछे से चोदने लगा.

मुझे शीनाज़ को चोदने में बहुत मजा आ रहा था और शीनाज़ भी खूब मस्ती में चुद रही थी.

थोड़ी देर शीनाज़ की चूत ने पानी छोड़ दिया और वो उल्टी ही लेट गई.
मैं ऊपर चढ़ कर लंड को चूत में डालकर तेजी से चोदने लगा.

थोड़ी देर में शीनाज़ फिर से गर्म होकर साथ देने लगी और बोली- मुझे ऊपर आकर लंड चूत में डालना है.
मैं लंड निकालकर सीधा लेट गया और शीनाज़ लंड पकड़कर चूत में धीरे-धीरे डालने लगी.

नीचे से मैंने एकदम से एक जोरदार धक्का मारा तो उसकी चीख निकल गई और वो बौखला कर लंड निकालने लगी.

मैंने उसके पैर पकड़कर जबरदस्ती लंड को चूत में ही डाले रखा और नीचे से ही चूत चोदने लगा.

शीनाज़ भी पूरा लंड अन्दर तक चूत में लेने लगी … हम दोनों चुदाई का मजा लेने लगे.
फिर चुदाई करते करते दोनों एक साथ झड़ गए और एक दूसरे की बांहों में लेटे रहे.

कुछ देर बाद दोनों ने एक दूसरे को चूसना शुरू कर दिया और शीनाज़ लंड पकड़कर मुँह में लेकर चूसने लगी.

फिर से हम दोनों पोर्न फ्रेंड सेक्स के मजे लेने लगे.
उस दिन हम दोनों ने 4 बार जबरदस्त चुदाई की और उसके बाद कपड़े पहनकर एक दूसरे को किस करके होटल से अपने अपने घर चले गए.

उसके बाद हम दोनों ने एक साल तक खूब चुदाई की.
फिर एक दिन उसकी फैमिली से किसी ने उसे मेरे साथ होटल से निकलते हुए देख लिया और उसका घर से निकलना और फोन पर बात होना बंद हो गई.

अब उसका कुछ पता नहीं, कहां है, किस हाल में है.
मैंने एक बार उसकी गांड भी मारी थी, वो मैं अगली सेक्स कहानी में लिखूँगा.

आप सबको मेरी पोर्न फ्रेंड सेक्स कहानी कैसी लगी, मुझे मेल करके जरूर बताना.
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